पुलिस क्षेत्राधिकारी को तत्काल हटाये जाने की उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा महानगर ने उठाई मांग….
देहरादून।उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा महानगर देहरादून से एक प्रतिनिधि मंडल महानगर अध्यक्ष रामकुमार शंखधर के नेतृत्व में गढ़वाल मंडल के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप से राज्य में पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर मुलाकात करने गया लेकिन पुलिस महानिरीक्षक के बाहर होने के कारण उनसे चलाभाष पर संपादक किया गया जिसमें रायपुर विधानसभा प्रभारी अनिल डोभाल ने कहा कि राज्य की मित्र पुलिस की छवि अब धूमिल होती जा रही है विभाग पर तानाशाही एवं मनमानी जैसे आरोप लग रहे जो कि सत्ता के दबाव की ओर इशारा करते हैं। महानगर अध्यक्ष कैप्टन पुरन सिंह रावत ने वर्तमान हालातों का हवाला देते हुए अगस्त्यमुनि प्रकरण में वहां के पुलिस अधिकारी द्वारा धार्मिक महानुभावों पर दर्ज रिपोर्ट को राजनीति से प्रेरित बताया उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से दर्ज रिपोर्ट को खारिज करने की मांग रखी और वहां के क्षेत्राधिकारी को तत्काल हटाकर नए अधिकारी की नियुक कर प्रकरण की जांच कराए जाने की बात कही।
महासचिव विपिन नेगी ने राज्य में भारतीय संविधान के तहत मिले धार्मिक अधिकारों को वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा पुलिस को ढाल बनाते हुए खत्म करने की साजिश बताया।
अध्यक्ष विधानसभा रायपुर संजीव शर्मा ने कहा कि राज्य की पुलिस व्यवस्था को जड़ से खत्म करने की साजिश की जा रही है ताकि कोई भी सरकार जनविरोधी नीतियों का विरोध करने का साहस न कर सके लेकिन उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा इसका खुला विरोध सड़को पर करेगा, प्रभारी धर्मपुर विधान सभा सतीश मनोरी ने भाजपा सरकार की नीतियों पर हल्ला बोलते हुए कहा कि सुशासन का नारा लगकर कुशासन किया जा रहा है राज्य की जनता समझ चुकी है राज्य की बागडोर गलत हाथों में है।
अध्यक्ष मसूरी विधान सभा राजेंद्र सूद ने जल्द से जल्द उचित कार्यवाही नहीं होने पर राज्य की कानून व्यवस्था की अहम कड़ी पुलिस विभाग का पुतला दहन की चेतावनी दी।
इस अवसर पर नवीन कपरवान, प्रीतम प्यारे, गोविंद सिंह नेगी, सूरज आदि मौजूद रहे।