बीज बम अभियान सप्ताह का शुभारंभ….

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वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने किया बीज बम अभियान सप्ताह का शुभारंभ

 

बीज बम अभियान सप्ताह के अवसर पर 9 बीज बम चेंजमेकर्स को किया गया सम्मानित

देहरादून । प्रदेशभर में बीज बम अभियान सप्ताह का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में वन्य जीव एवं मानव के बीच संघर्ष की घटनायें बढ़ रही हैं। इसका कारण जंगलों में जंगली जानवरों जैसे भालू, बाघ आदि की भोजन श्रृंखला प्रभावित होना है। सभी ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को यह प्रयास करना चाहिए कि जंगलों में और आसपास किये जाने वाले पौधारोपण कार्यक्रमों का लगातार अनुश्रवण और माॅनिटरिंग की जाए। श्री उनियाल ने कहा कि पेड़-पौधे लगाये जाना महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि उनको जीवित रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
हिमालयन पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी, उत्तरकाशी के तत्वावधान में वर्ष 2017 से जो बीज बम अभियान शुरू हुआ था, उसको वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री उनियाल ने प्रदेश के वन विभाग के समस्त कार्यवृत्त एवं वृक्षारोपण कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल करने हेतु प्रमुख वन संरक्षक आईएफएस कपिल लाल (हॉफ) को इस कार्यक्रम में ही शामिल करने हेतु निर्देशित किया। वन मंत्री ने जाड़ी संस्था के संस्थापक द्वारा शुरू किये गये बीज बम अभियान के बारे में कहा कि, कोई भी कार्यक्रम बिना लगन और समर्पण के सफल नहीं होता इसलिए आप अकेले भी हों तो घबराये नहीं एक दिन आपके पीछे काफिला चल निकलेगा।
वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वन विभाग जंगलों का सिर्फ कस्टोडियन है उत्तराखण्ड का प्रत्येक नागरिक वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन में अपना योगदान दे तभी हम अपने जंगलों को बचा सकते हैं। बिना जन सहभागिता के न जंगल बचाये जा सकते हैं और ना ही जंगली जीव-जन्तु। उत्तराखण्ड के प्रमुख वन संरक्षक हाॅफ आईएफएस कपिल लाल ने इस अवसर पर बीज बम अभियान के सम्मानित किये गये सभी 9 चेंजमेकर्स को बधाई दी और कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब यह जन जन का अभियान बन जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम में आनलाईन जुड़े सभी जनपदों के डीएफओ और वन संरक्षकों से अपील की कि बीज बम अभियान सप्ताह को गंभीरता से अपने कार्यक्रमों का हिस्सा बनायें। श्री लाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि बरसात के दिनों में वन्य जीव जन्तुओं और पक्षियो का ब्रीडिंग पीरियड भी होता है इसी समय धान की रोपाई की जाती है और जंगलों में उग रही समस्त वनस्पतियों में पोषक तत्व और पानी चढ़ता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पद्मश्री प्रेम चंद्र शर्मा ने कहा कि बीज बम अभियान उत्तराखण्ड की उस भूमि से ही शुरू हुआ है जहाँ से सम्पूर्ण विश्व को चिपको का संदेश मिला। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए जाड़ी संस्था के संस्थापक और बीज बम अभियान के प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने कहा कि बीज बम अभियान उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती बागी गाँव से शुरू हुआ और आज देश के 18 ये अधिक प्रदेशों में यह कार्यक्रम मनाया जाता है। साथ ही उन्होंने वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल का धन्यवाद किया कि उनके प्रयासों से ही आज कार्यक्रम के दौरान बीज बम अभियान सप्ताह प्रदेश के सभी जनपदों में एक कैलेण्डर दिवस के रूप में मनाया जा सकेगा। उन्होंने सम्मानित किए गए 9 बीज बम चेंज मेकर को बधाई दी और उनका धन्यवाद भी किया कि उनके सहयोग के बिना यह कार्यक्रम सफल नहीं हो सकता था। जिन 9 बीज बम चेंजमेकर्स को सम्मानित किया गया उनमें डाॅ. हितेश नौटियाल-मेदांता हाॅस्पिटल, गुरूग्राम, डाॅ. चेतन आहूजा-देहरादून, जेपी मैठाणी-पीपलकोटी चमोली,   कैलाश चंद्र भट्ट, देहरादून, माधवेन्द्र रावत हरसिल, उत्तरकाशी, डॉ. उदय गौड़ सहायक वन संरक्षक, देहरादून, गोपाल प्रकाश मिश्रा- शिक्षक उत्तरकाशी, भारती आनंद अनंता-नौगाँव, उत्तरकाशी और रचित शर्मा देहरादून शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन पर्वतीय विकास शोध केन्द्र के नोडल अधिकारी डा. अरविन्द दरमोड़ा द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त वन संरक्षक एसके सिंह, समीर रतूड़ी, प्रो. यतीश वशिष्ठ, एचडी शर्मा, प्रो आरएस पटेल, डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल, डॉ सुमन सिंह गुसाई, डॉ गुरु प्रसाद थपलियाल, डॉ मनोज किशोर नौटियाल, डॉ बी डी एस, आशीष सेमवाल, अतुल सेमवाल, अस्मित, आशीष भट्ट, आदि शामिल रहे।

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