नई पीढ़ी में मानवीय संवेदनशीलता के विकास हेतु करने होंगे सामूहिक प्रयास……

ऋषिकेश। जिला गंगा संरक्षण समिति देहरादून के नामित सदस्य पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने एक बार फिर तीर्थ योग नगरी ऋषिकेश का मान बढ़ाया है।
उन्हें गोविन्द वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पन्त नगर एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वाधान में ‘ राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका ‘ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में उनके द्वारा सामाजिक चेतना के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। कृषि प्रबंधन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ आर एस जादौन ने उन्हें स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित करते हुए कहा कि समाज को आज ऐसे लोगों की बहुत आवश्यकता है जो अपने अनुभवों से प्रकृति और संस्कृति संरक्षण के प्रति जनजागृति लाने का प्रयास कर रहे हैं। पर्यावरणविद जुगलान ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों पोषण इसलिए अति आवश्यक हो जाता है कि हम शिक्षा तो कृत्रिम माध्यमों से भी प्राप्त कर सकते है लेकिन इससे मानवीय मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं में कमी हो रही है।जो कि चिन्ता का विषय है।इसके लिए शिक्षक और शिक्षित समाज के लोगों को सामूहिक प्रयास करने होंगे ताकि अगली पीढ़ी में मानवीय संवेदनशीलता का भी विकास हो।समाज में घटित होने वाली घटनाओं पर हम मिलजुलकर समस्याओं का निदान कर सकें।कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विश्व विद्यालयों के शिक्षाविदों सहित शोध छात्र छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया।कार्यक्रम के आयोजन के बाद डॉ जुगलान ने विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ) शिवेन्द्र कश्यप से भेंटकर आगामी कार्य योजनाओं पर चर्चा की।