4 जुलाई को शिक्षाविदों की दो दिवसीय कार्यशाला में संस्थानों से शिक्षाविद्, शिक्षक एवं शोध छात्र करेंगे प्रतिभाग

ऋषिकेश/देहरादून। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उत्तराखंड प्रांत एवं कृषि व्यवसाय प्रबंधन महा विद्यालय जीबी पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पन्त नगर के संयुक्त तत्वावधान में 4 और पांच जुलाई को आयोजित होने वाली प्रांतीय कार्यशाला में अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट एक्शन लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान सहित राज्य के विभिन्न विश्व विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों से शिक्षाविद्, शिक्षक एवं शोध छात्र प्रतिभाग करेंगे।दो दिवसीय राज्य स्तरीय शैक्षणिक कार्यशाला का विषय ” राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका ” रखा गया है। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ाते हुए शिक्षकों को ऐसे प्रशिक्षित करना है ताकि वे शिक्षा के साथ साथ युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व का विकास करते हुए शिक्षा में भारतीयता और प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। शिक्षाविदों की दो दिवसीय कार्यशाला में कुल सात सत्र होंगे।जिनमें विषय विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखेंगे।इस अवसर पर द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र के शुभारंभ के साथ ही पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान शिक्षकों के समीक्षा,मूल्यांकन और सतत् प्रयासों पर अपने विचार रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ की आर्थिक और सामाजिक परिषद के अंतर्गत होने वाले पर्यावरण संरक्षण एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने अनुभव भी साझा करेंगे।ताकि प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण में प्राध्यापकों, शिक्षकों एवं युवाओं की भूमिका और अधिक सुदृढ़ हो सके।उन्होंने कहा कि प्रकृति हो या संस्कृति सामाजिक चेतना के बिना सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं है और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का ध्येय वाक्य है कि “देश को बदलना है तो शिक्षा को बदलना होगा।” कार्यक्रम में राज्य के कुल 13 जनपदों से लगभग 60 से अधिक शिक्षाविद् प्रतिभाग करने की आशा है।