चमोली में राज्य स्तरीय मानसून मॉक एक्सरसाइज सफल, विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर परखी गई तैयारियां

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जनपद चमोली में राज्य स्तरीय मानसून तैयारी मॉक अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न, छह स्थानों पर आपदा परिदृश्यों का किया गया अभ्यास

चमोली। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में गुरुवार को जनपद चमोली में राज्य स्तरीय मानसून तैयारी मॉक अभ्यास-2026 का सफल आयोजन किया गया। मॉक अभ्यास का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के मध्य समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का परीक्षण करना था।

आपदा की सूचना मिलते ही जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, चंपावत और तहसील स्तरीय आईआरएस प्रणाली सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार एवं अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने जिला नियंत्रण कक्ष से सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों की योजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रातः 8:30 बजे से चले इस अभ्यास में जनपद के छह संवेदनशील स्थलों पर अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का सृजन कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। प्रत्येक स्थल पर जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, विद्युत, जल संस्थान, वन, पशुपालन, दूरसंचार सहित विभिन्न विभागों ने समन्वित रूप से अपनी भूमिका का निर्वहन किया।

मॉक अभ्यास के दौरान चेपड़ों क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण बादल फटने एवं भूस्खलन से गांव प्रभावित होने की स्थिति, लामबगड़ (ज्योतिर्मठ) में मलबा आने से पुल क्षतिग्रस्त होने एवं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने की स्थिति, धराली (देवाल) क्षेत्र में बादल फटने से जनहानि एवं बचाव अभियान, कमेड़ा (गौचर) में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोल्डर गिरने से यातायात अवरुद्ध होने की स्थिति, तमक नाला (ज्योतिर्मठ) में मलबा आने से पुल एवं दूरसंचार व्यवस्था प्रभावित होने तथा टीएचडीसी सुरंग (पीपलकोटी) में सुरंग क्षतिग्रस्त होने से श्रमिकों के फंसने की काल्पनिक घटनाओं पर राहत एवं बचाव कार्यों का सफल अभ्यास किया गया।

अभ्यास के दौरान सभी घटनास्थलों पर त्वरित सूचना संप्रेषण, इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम की सक्रियता, खोज एवं बचाव अभियान, घायलों को प्राथमिक उपचार एवं अस्पताल भेजने, राहत शिविर संचालन, यातायात प्रबंधन, संचार व्यवस्था बहाल करने, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का व्यवहारिक परीक्षण किया गया।

अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि इस प्रकार के मॉक अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियों की तत्परता, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा समन्वित कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

इस दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अभिषेक गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडे सहित इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम के समस्त नामित सदस्य सहित अन्य उपस्थित रहे।

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