वानिकी अनुसंधान संस्थान के छात्रों ने जुगलान से भेंट कर जैव विविधता के विषय में ली जानकारी

देहरादून। वानिकी अनुसंधान संस्थान देहरादून के स्नातकोत्तर छात्रों ने अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट एक्शन लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान से भेंटकर जलवायु प्रदर्शन सूचकांक (सीसीपीआई) सहित जैव विविधता समिति के कार्यों के विषय में विस्तार से जानकारी ली। विषय विशेषज्ञ पर्यावरणविद डॉ जुगलान ने बताया कि जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक (सीसीपीआई) देशों के जलवायु संरक्षण प्रयासों को ट्रैक करने वाला एक स्वतन्त्र निगरानी उपकरण है।यह सूचकांक वर्ष 2005 से प्रत्येक वर्ष प्रकाशित किया जाता है। इसे जर्मन वॉच,न्यू क्लाइमेट इंस्टीट्यूट और क्लाइमेट एक्शन नेट वर्क द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय जलवायु राजनीति में पारदर्शिता बढ़ाना है। डॉ जुगलान ने चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बावजूद भी इस वर्ष भारत सूचकांक में 13 वें स्थान से गिरकर 23 वें स्थान पर आ गया है।जिसके प्रमुख कारण कोयले,तेल और गैस पर भारी निर्भरता सहित राष्ट्रीय समय सीमा का अभाव एवं सौर ऊर्जा परियोजनाओं भूमि एवं पर्यावरणीय विवाद हैं।जिनका समय रहते निस्तारण किया जाना आवश्यक है। दूसरी ओर उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति प्रकृति के प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की रही है उसी का परिणाम है कि हम आज भी कुछ विकसित देशों से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आगे हैं।उन्होंने कहा जलवायु कार्यवाही सूचकांक में भारत का प्रदर्शन 61.31 अंकों के साथ 23 वे स्थान पर रहा वहीं दूसरी ओर जी 20 देशों में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, रूस और सऊदी अरब आज भी निम्नतम प्रदर्शन वाले देश हैं।यदि हम उत्तराखंड की बात करें तो यह एक तिहाई क्षेत्र फल पर वन आच्छादित पहाड़ी प्रदेश है।बावजूद इसके हम असंतुलित विकास और पेड़ों के कटान में आगे बढ़ रहे हैं जो चिंता का विषय है।जलवायु कार्यवाही विमर्श के बाद पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान के संयोजन में एफआरआई के स्नातकोत्तर छात्रों ने जैव विविधता समिति के कार्यों के विषय में जानकारी लेते हुए जैव विविधता पार्क संजय झील एवं जनपद अन्तर्गत स्मृति वन ऋषिकेश का भ्रमण कर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता समिति की अवधारणा को नजदीक से जाना। अध्ययन दल में प्रदीप मान,सचिन कुमार मीणा ने प्रतिभाग किया। डॉ जुगलान ने बताया कि जनपद देहरादून अन्तर्गत ग्राम सभा खदरी खड़क माफ में गंगा तटीय क्षेत्र में राज्य का पहला कंजर्वेटरी पार्क की स्थापना के लिए प्रयास किया जा रहा है जबकि स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश में नगर वन की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं।जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।