मौसम का खतरा बढ़ा ! चंद्रशिला ट्रैक दोपहर 12 बजे के बाद बंद

पुलिस ने जारी की सख्त एडवाइजरी

तुंगनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब, 60 हजार से अधिक भक्त कर चुके बाबा तुंगनाथ के दर्शन

रूद्रप्रयाग । विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिरों में शामिल तृतीय केदार श्री तुंगनाथ धाम में इन दिनों आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ रहा है। हिमालय की गोद में बसे इस पवित्र धाम में दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा सीजन शुरू होने के बाद से अब तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं, जो इस वर्ष श्रद्धालुओं के बढ़ते उत्साह और अटूट आस्था का प्रमाण है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रूद्रप्रयाग पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है। पुलिस ने तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि सभी श्रद्धालु मंदिर परिसर में केवल निर्धारित कतार में लगकर ही दर्शन करें तथा दर्शन के बाद अनावश्यक रूप से परिसर में भीड़ एकत्र न करें। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता और सुरक्षित ढंग से दर्शन कराने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
इसी बीच मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर संभावना जताई है। मौसम की इस चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने, तेज हवाओं, घने कोहरे और फिसलन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चंद्रशिला ट्रैक को प्रतिदिन दोपहर 12 बजे के बाद पूर्ण रूप से बंद कर दिया है।
रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए हैं कि दोपहर 12 बजे के बाद कोई भी श्रद्धालु चंद्रशिला की ओर जाने का प्रयास न करे। प्रशासन का कहना है कि दोपहर बाद मौसम तेजी से खराब होने की आशंका रहती है, जिससे ट्रैक पर फंसे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। ऐसे में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
पुलिस और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, पर्याप्त गर्म कपड़े एवं आवश्यक सामग्री साथ रखें तथा किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि तुंगनाथ और चंद्रशिला क्षेत्र में तैनात पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, लेकिन सुरक्षित यात्रा तभी संभव है जब श्रद्धालु भी प्रशासन के निर्देशों का पूर्ण पालन करें।
एसएचओ मनोज नेगी ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे संयम, अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय दें, मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। आपकी सुरक्षा ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आस्था के इस महापर्व में सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और इस महत्वपूर्ण सूचना को अधिक से अधिक साझा करें ताकि तुंगनाथ और चंद्रशिला की यात्रा पर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, सुखद और सफल यात्रा का अनुभव कर सके।

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