समरांजलि” पुस्तक का विमोचन – स्व. ज्ञान देव घनस्याली को भावभीनी श्रद्धांजलि

1 min read

जगदीश भारद्वाज- (पटियाला) । पटियाला के परवाना हाल में दिवंगत पहाड़ी सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय ज्ञान देव घनस्याली जी की पावन स्मृति में प्रकाशित पुस्तक “समरांजलि” का गरिमामय विमोचन समारोह “उतराखंड हिलांश सांस्कृतिक कला मंच पटियाला” के तत्वाधान में श्रद्धा और सम्मान के साथ सम्पन्न हुआ । इस पुस्तक का संपादन ज्ञान देव जी के प्रिय दोस्त और वरिष्ट साहित्यकार श्री बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या” जी द्वारा किया गया हैं ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उतराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक और जागर सम्राट पद्मश्री से सम्मानित पद्मश्री डा. प्रीतम भरतवाण जी रहे । विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट माया राम देवली जी ,जींद हरियाणा, वरिष्ट समाज सेवक श्री टंकी सिंह नेगी जी ,देहरादून गढ़वाली प्रतिनिधि सभा पंजाब के सरक्षक इंजीनियर दया राम ढोंडीयाल,बठिंडा, वरिष्ट समाज सेवी उतम सिंह बागड़ी,पटियाला मुख्य संपादक बिजेंद्र सिंह रावत“दगड़या” मंचासीन रहे । इस अवसर पर पटियाला की सभी संस्थाओं और कीर्तन मंडलियों के प्रतिनिधि के साथ साथ भारी संख्या में स्थानीय सामाजिक लोग भी शामिल थे । इस कार्यक्रम का सफल मंच संचालन श्री जगदीश प्रसाद शर्मा जी ने किया । समारोह का शुभारंभ स्व. ज्ञान देव घनस्याली जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया ।

पुस्तक के मुख्य संपादक बिजेंद्र सिंह रावत “दगड़या” ने अपने वक्तव्य में कहा इस पुस्तक को संपादित करने में पूरा एक वर्ष लग गया । इस पुस्तक में पटियाला बठिंडा, दिल्ली,उदयपुर,जोधपुर,आगरा,रूदप्रयाग, काशीपुर,अल्मोड़ा आदि शहरों से सामाजिक व्ययक्तियों ने अपने अपने संस्मरण भेजे । पुस्तक के सह – संपादक श्री चंद्र मोहन ढोंडीयाल जी ने कहा की पुस्तक पर बहुत मेहनत हुई हैं और यह पुस्तक ना केवल पठनीय बल्कि पाठकों को ज्ञान देव जी के बारें में और अधिक जानकारियाँ भी मिलेंगी। पुस्तक के हर अध्याय में ज्ञान जी के बारें में कईं विलक्षण प्रतिभा की जानकारियाँ मिलेंगी ।

मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रीतम भरतवान् ने कहा कि “समरांजलि” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि जनसेवा की जीवंत गाथा है । यह कृति नई पीढ़ी को समाज के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराएगी और सेवा भावना को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देगी । यह किताब समाज सेवा के क्षेत्र में एल मील का पथर साबित होगी । समाज के अंतिम क्षोर पर बैठे वयक्ति उत्कृष्ट कर्मयोगी मनिषियों पर चिंतन और लेखन दगड़या जी की विराट सोच का ही प्रतिफल हैं । ऐसी वयक्तित्व पर लिखना बंदनीय हैं ।

अन्य वक्ताओं में देहरादून से आए श्री टंकी सिंह नेगी जी,हरियाणा जींद से आएं एडवोंकेट माया राम देवली,गुरमीत सिंह नेगी,मुलायम सिंह राणा, बीरेंद्र प्रसाद पटवाल ,उपनयन सिंह पंवार,बसंत बंदूनी, विजय सिंह नेगी,जोत सिंह भण्डारी , राजेन्द्र सिंह पँवार , धीरज सिंह रावत, कुँवर सिंह रावत, नवीन रावत आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्व. ज्ञान देव जी के साथ बिताए अनुभव साझा किए और उनके कार्यों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया। इस अवसर पर स्व ज्ञान देव जी का परिवार भी काशीपुर और दिल्ली से आया हुआ था । स्व ज्ञान देव जी के परिवार से उनके परिवार के सभी सदस्य इस अवसर पर मोजूद थे और उनके भाई श्री संत राम जी ने भी अपने विचार व्ययकत किये । परिवार को संस्था की और से एक सम्मान पत्र भी परिवार को प्रदान किया गया ।

इस अवसर पर पटियाला के बरिष्ट समाज सेवी और होटल व्ययसायी श्री मुलायम सिंह राणा जी को, कला मंच के संस्थापक श्री धीरज सिंह रावत जी को , अध्यक्ष हरी सिंह भण्डारी जी को ,महासचिव जगदीश प्रसाद भारद्वाज जी को समाज और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “प्रथम स्व. ज्ञान देव घनस्याली स्मृति जन देवा सम्मान” से सम्मानित किया गया ।

कार्यक्रम के दौरान स्मृति किताब के लिए संस्मरण भेजने वाले सभी सम्मानित सदस्यों को किताब की एक एक प्रति के साथ प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम के अंत में मंच के अध्यक्ष श्री हरी सिंह भंडारी जी ने उपस्थित सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं जनसमूह का आभार व्यक्त किया तथा स्व. ज्ञान देव घनस्याली जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के अंत में मंच के अध्यक्ष श्री हरी सिंह भण्डारी जी ने सभी का धन्यवाद किया । कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी लोगों ने मंच को बधाई दी ।

 

Copyright, Shikher Sandesh 2023 (Designed & Develope by Manish Naithani 9084358715) © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.