खतरे को देखते हुए प्रशासन हुआ अलर्ट ! धारी देवी मंदिर परिसर तक पहुंची अलकनंदा

धारी देवी को चारधाम की रक्षक देवी के रूप में पूजा जाता

देहरादून । रविवार सुबह से ही आसमान से आफत बरस रही है। रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिलों में अतिवृष्टि से हालात खराब हैं। रुद्रप्रयाग के बसुकेदार में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इसके साथ ही अलकनंदा नदी भी उफान पर है। इस बीच धारी देवी मंदिर का वीडियो डरा रहा है। यहां अलकनंदा नदी का पानी मंदिर तक पहुंच गया है। धारी देवी के पास लगने वाली दुकानें भी बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। धारी देवी मंदिर से सामने आया वीडियो 2023 की केदारनाथ आपदा की याद दिला रहा है। साल 2013 में भी अलकनंदा नदी ने जमकर कहर बरपाया था। इस दौरान इस क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ था। तब रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, देवप्रयाग, ऋषिकेश तक इसका असर देखने को मिला था। आज सुबह से ही एक बार फिर अलकनंदा उफान पर है। जिसके कारण इसके किनारे के घाट पूरी तरह से डूब चुके हैं।
सिरोबगड़ से लगभग 800 मीटर आगे श्रीनगर की तरफ (गोवा ब्रिज नामक स्थान) पर अलकनंदा नदी का जलस्तर बढने से पानी हाईवे तक पहुंच गया। जिसके कारण आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई थी। वहीं, इसी के पास धारी देवी मंदिर भी अलकनंदा नदी के उफान पर आने के कारण डूबा सा नजर आया। धारी देवी मंदिर के पास भी अलकनंदा विकराल रूप में बह रही है। अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण धारी देवी मंदिर के पिलर पूरी तरह से डूब चुके हैं। धारी देवी मंदिर के आस पास के इलाके भी पूरी तरह से जलमग्न हो गये हैं। नदी इससे पहले साल 2013 में आई आपदा के दौरान ऐसे हालात बने थे। उफान पर अलकनंदा और धारी देवी मंदिर से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। हर कोई धारी देवी मंदिर के लगभग पानी में डूबे वीडियोज से चिंतित हैं।
बात अगर धारी देवी के मंदिर की करें तो अभी पानी मंदिर के एकदम पास पहुंच गया है। प्रशासन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए नदी तट के नजदीक रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी चौकन्ना बनी हुई हैं।
बता दें धारी देवी के चारधाम की रक्षक देवी के रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि धारी देवी में मूर्ति दिन में तीन बार स्वरूप बदलती है। 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद से धारी देवी की मान्यता देश विदेशों में बढ़ी है। कहा जाता है कि 2013 में धारी देवी को अपलिफ्ट करने के बाद ही केदारनाथ आपदा आई थी। साल 2013 की आपदा के बाद से धारी देवी में हर साल चारधाम यात्रा के समय भक्तों का तांता लगा रहता है।

Copyright, Shikher Sandesh 2023 (Designed & Develope by Manish Naithani 9084358715) © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.