विपक्ष रचनात्मक भूमिका निभाए, व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचेः जुगरान

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तर्पण और सनातन परंपराओं पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर बरसे

मसूरी । भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रवींद्र जुगराण ने कांग्रेस पर विपक्ष की सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय भाजपा नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध नीतियों और जनहित के मुद्दों तक सीमित रहना चाहिए। व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए भारतीय संस्कृति और परंपराओं को निशाना बनाया जाना उचित नहीं है।
मसूरी में आयोजित पत्रकार वार्ता में जुगराण ने कहा कि तर्पण की परंपरा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा इस संबंध में की गई टिप्पणियों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे यह सवाल उठता है कि क्या ऐसे बयानों को वरिष्ठ नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण, पक्षियों को भोजन कराना और दान-पुण्य करने की परंपरा रही है। देश-विदेश से लोग अपने पितरों के तर्पण के लिए धार्मिक स्थलों पर आते हैं। ऐसे विषयों पर राजनीतिक टिप्पणी करने के बजाय विपक्ष को रचनात्मक, सकारात्मक और राष्ट्र एवं राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार का विरोध करना चाहिए।
जुगराण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते देश का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक और संघर्षात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
मसूरी के पर्यावरणीय मुद्दों पर उठाए सवाल
जुगराण ने विगत दिनों उनके द्वारा उठाए गए मसूरी के पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने मसूरी के लगभग 15 किलोमीटर के हवाई दायरे में पहाड़ों, जंगलों के कटान और खनन को लेकर शिकायत की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडे से मुलाकात की थी। वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट पर उन्होंने असंतोष जताते हुए कहा कि मुख्य वन संरक्षक ने विभागीय अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले 15 दिनों में इस मामले का निस्तारण किए जाने की बात कही गई है।
पुरुकुल-मसूरी रोपवे के पिलरों को लेकर भी जुगराण ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले एक पिलर के कमजोर होने की बात सामने आई थी, जबकि उनके अनुसार 17 पिलरों की स्थिति की जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वह मौके पर जाकर पिलरों की स्थिति देखेंगे और उसके बाद पर्यटन विभाग को रिपोर्ट देंगे। जुगराण ने मसूरी में अवैध निर्माण, वन कटान और यातायात जाम जैसे मुद्दों पर नागरिकों और व्यापारियों से भी आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में पर्यटन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के लिए केवल कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। मसूरी में सक्रिय सभी राजनीतिक दलों को भी जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज उठानी चाहिए। जुगराण ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कराने के लिए अगले सप्ताह से अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। इस अवसर पर डॉ. दीपक जोशी, नरेंद्र बिष्ट, सुनील रतूड़ी, गंभीर पंवार आदि मौजूद रहे।

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