देवभूमि में महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर हो ऐसी कार्रवाई जो नज़ीर बने : कुसुम कंडवाल

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नालापानी चौक पर महिला के अपहरण के दुस्साहसिक प्रयास का महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान; अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

 

देहरादून। राजधानी देहरादून के नालापानी चौक क्षेत्र में बुधवार सुबह दिनदहाड़े एक महिला के अपहरण के दुस्साहसिक प्रयास संबंधी वायरल वीडियो और घटना का उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने इस कायराना कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए ऐसी घटिया मानसिकता के अपराधियों के प्रति कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नालापानी चौक के पास रहने वाली एक स्थानीय महिला अपनी बेटी को कॉलेज बस के लिए चौक पर छोड़ने के उपरांत जब स्कूटी से वापस घर लौट रही थी, तभी काली कार सवार नकाबपोश बदमाशों ने उसका पीछा कर उसे जबरन गाड़ी में खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के अदम्य साहस, तत्परता और वहां निकट ही मौजूद नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारियों के तुरंत मौके पर पहुंचकर ललकारने से बदमाशों के मंसूबे नाकाम हो गए और वे मौके से फरार हो गए। आयोग ने पीड़िता के साहस और समय पर आगे आकर बड़ी अनहोनी टालने वाली महिला सफाई कर्मचारियों की प्रशंसा भी की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस अधीक्षक (देहात) जया बलूनी एवं क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा से दूरभाष पर सीधे वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। पुलिस अधिकारियों ने अवगत कराया कि रायपुर थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया गया है तथा क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि राजधानी के ऐसे व्यस्ततम क्षेत्र में दिनदहाड़े इस तरह की दुस्साहसिक वारदात होना अक्षम्य है, लिहाजा तीनों आरोपियों को अविलंब चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज न करे और पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या आपराधिक साजिश सहित हर संभव एंगल पर निष्पक्ष व गहन जांच सुनिश्चित करे।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट संदेश दिया कि देवभूमि के शांत वातावरण को बिगाड़ने और महिलाओं में असुरक्षा का भय पैदा करने वाले असामाजिक तत्वों पर ऐसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए नज़ीर बने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। उन्होंने दोहराया कि आयोग प्रदेश में मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा हेतु पूर्णतः संकल्पित है तथा पुलिस की जांच प्रगति पर निरंतर सीधी नजर बनाए रखे हुए है।

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