श्री नंदा बड़ी जात यात्रा का हर जगह हो रहा भव्य स्वागत
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चमोली। सिद्धपीठ कुरुड़ से कैलाश की ओर रवाना हुई श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा की तीनों देव डोलियां अपने-अपने तीसरे पड़ाव पर पहुंच गई हैं। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने देव डोलियों का भव्य स्वागत किया। भक्तों ने मां नंदा को भेंट और पवाड़ा अर्पित कर पूजा-अर्चना की तथा मनौतियां मांगी। देव डोलियों के साथ चल रहे चैसिंगा खाड़ू भी श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
नंदाधाम कुरुड़ से रवाना हुई बधाण की नंदा देवी की उत्सव डोली सोमवार को एकादशी के पर्व पर उस्तोली से सरपाणी और लाखी होते हुए करीब आठ किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर देर शाम तीसरे पड़ाव भेटी गांव पहुंची। यहां द्वारी माता की पूजा-अर्चना के साथ देवी पूजन शुरू हुआ। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं ने डोली का स्वागत कर पूजा-अर्चना की। नंदा देवी के पुजारी, मंदिर समिति अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मंसाराम गौड़, राजेश गौड़, कन्हैया प्रसाद गौड़, बची राम गौड़ और योगेश्वर प्रसाद गौड़ आदि ने श्रद्धालुओं की पूदूसरी देव डोली सोमवार को दूसरे पड़ाव लुणतरा से रवाना होकर काण्डा, खुनाणा, लामसोड़ा, माणखी, चोपड़ाकोट और घारी होते हुए करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय कर तीसरे पड़ाव कांडई गांव पहुंची।
पूरे यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं ने डोली का स्वागत किया और पूजा-अर्चना की। डोली के साथ चल रहे दो चैसिंगा खाड़ू श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। कैलाश की ओर जा रहे दोनों खाड़ुओं की भी भक्त जगह-जगह पूजा कर रहे हैं और चढ़ावा अर्पित कर रहे हैं। मंगलवार को दशोली की डोली कांडई से खलतरा, मोठा और चाका होते हुए करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय कर सेमा गांव पहुंची
कुरुड़ मंदिर से रवाना हुई तीसरी नंदा देवी की डोली सोमवार को दूसरे पड़ाव बटुला से आगे बढ़ी। शेकोट और ल्वांह होते हुए करीब छह किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर डोली तीसरे पड़ाव दिगोली गांव स्थित नंदा देवी मंदिर पहुंची। डोली के पहुंचते ही यहां देवी पूजन शुरू हो गया। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ देव डोली का स्वागत किया। मंगलवार को बंड की डोली दिगोली से ल्वाह, क्योठा, गडोरा, मल्ला और अक्थला होते हुए चैथे पड़ाव नोरख गांव पहुंचेगी, जहां देवी पूजन का आयोजन होगा। श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सिद्धपीठ कुरुड़ से कैलाश के लिए रवाना हुई देव डोलियों का गांव-गांव, कस्बों और पूरे यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं की ओर से भव्य स्वागत किया जा रहा है। बड़ी जात को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यात्रा को लेकर जानकारी के लिए फोन कर रहे हैं।