एतिहासिक कथानक पर नाटक का मंचन……नई पीढ़ी तक पहुँचाने में अदा करती हैं महत्वपूर्ण भूमिका…..
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नई दिल्ली। जय जिया रानी (मौला देवी पुंडीर) उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की एक प्रख्यात वीरांगना और कत्यूरी रानी थीं, जिन्हें उत्तराखंड की लक्ष्मीबाई कहा जाता है। उन्होंने रुहेलों/तुर्कों से मातृभूमि की रक्षा की और रानीबाग (हल्द्वानी) में गौला नदी के तट पर युद्ध लड़ते हुए शहीद हुईं थी।
इस एतिहासिक कथानक पर नाटक का मंचन 31 मार्च,2026 महावीर जयंती के शुभ अवसर पर श्रीराम कला केंद्र, मंडी हाउस, नई दिल्ली में प्रज्ञा आर्ट्स थिएटर ग्रुप द्वारा “जै जिया” नाटक के नाम से शानदार प्रस्तुति दी ।यह नाटक वीरता की प्रतीक उत्तराखंड की लोकदेवी जिया रानी पर आधारित एक अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति रही।
नाटक के लेखक श्री मदन मोहन सती जी ने अपनी लेखनी के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकआस्था को प्रसिद्ध रंगकर्मी लक्ष्मी रावत के दमदार निर्देशन में कलाकारों ने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
ऐसी प्रस्तुतियाँ हमारी परंपराओं और लोकगाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर शानदार व्यक्तित्व के धनी मृदु भाषी हर दिल अजीज महाराष्ट्र व गोवा के पूर्व राज्यपाल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद भगत सिंह कोश्यारी जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। साथ ही उत्तराखंड राज्य के प्रवासी राज्य मंत्री आदरणीय श्री पी.सी.नैनवाल जी, हिंदी अकादमी दिल्ली सरकार के पूर्व सचिव व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट जी, उद्योगपति श्री नरेन्द्र लडवाल जी व डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. शरद पाण्डेय जी सहित अनेक वरिष्ठ जनों की भी उपस्थिति रही। इस दिन भारी बारिश के बावजूद श्रीराम कला केंद्र का सभागार दर्शकों से खचा-खच भरा हुआ था।