प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण करना न्यास का मुख्य उद्देश्य : डा. जुगलान



देहरादून । शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उत्तराखंड प्रांत के पर्यावरण विषय संयोजक पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने पर्यावरण गतिविधियों के प्रसार और कार्यक्रमों में जन सहभागिता को लेकर प्रदेश स्तर पर दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। जिनमें पंत नगर निवासी शिक्षाविद् डॉ संगीता जादौन को कुमाऊं मंडल का पर्यावरण सहसंयोजक एवं भानियावाला देहरादून निवासी यशपाल सिंह को गढ़वाल मंडल का पर्यावरण सहसंयोजक नियुक्त किया है। पर्यावरणविद जुगलान ने कहा कि एक ओर मानसखण्ड में उच्च शिक्षित महिला शक्ति की नियुक्ति से पर्यावरण संरक्षण की बागडोर से उनके उच्च शिक्षण का महिला शक्ति को पर्यावरण संरक्षण में लाभ मिलेगा।वहीं दूसरी ओर सुप्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता यशपाल को गढ़वाल मंडल की बागडोर मिलने से पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में युवाओं की भूमिका बढ़ेगी। जिससे पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को बल मिलेगा।गौरतलब है कि यशपाल ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने निवास को ही उपवन बना डाला है। जिनमें देशी और विदेशी प्रजाति के फूलों सहित विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे लगाए गए हैं। यहां विश्व विद्यालयों के शोध छात्र प्रयोगात्मक अध्ययन के लिए आते हैं।जुगलान ने बताया कि पूरे प्रान्त में जिला स्तर पर भी पर्यावरण टोली का गठन किया जाएगा। जिनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने वाले युवाओं और महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जुगलान ने यह भी बताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास पूर्ण रूप से एक सामाजिक मंच है जिसमें सरकारी और गैर सरकारी शिक्षक शिक्षिकाएं , विश्व विद्यालयों के आचार्य सह आचार्य ,सेवा निवृत्त अधिकारी , सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण की सोच रखने वाले सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता, शोधार्थी युवा अपना योगदान दे रहे हैं। न्यास का मुख्य उद्देश्य शिक्षा में भारतीयता की स्थापना के साथ साथ प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का खाका तैयार करने में न्यास की ओर से महत्वपूर्ण योगदान रहा है।