करोड़ों लोगों की आस्था के साथ गंगाजी की पवित्रता भी हो रही है प्रभावित….
देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति की मासिक बैठक में समिति के नामित सदस्य पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने कहा कि नमामि गंगे योजना में करोड़ों रुपए के बजट खर्च किए जाने के बाद भी गंगाजी की सहायक नदी नालों से होते हुए बड़ी मात्रा में कूड़ा गंगाजी में बहाया जा रहा है। इससे गंगाजी के प्रति आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की आस्था के साथ गंगाजी की पवित्रता भी प्रभावित हो रही है।इसके लिए ठोस कार्य योजना की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए जिला पंचायत अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा खदरी खड़क माफ में सौगं नदी की बाढ़ से हर वर्ष होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भी रिवर ड्रेसिंग और रिवर चैनेलाइजेशन का कार्य किया जाना आवश्यक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्याओं के निस्तारण के लिए संबन्धित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में समुचित कूड़ा प्रबंधन के लिए जिला पंचायत अधिकारी को पंचायत क्षेत्र में नियम संचालन के निर्देश दिए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दीक्षांत गुप्ता ने बताया कि खदरी खड़क माफ में बाढ़ सुरक्षा की कार्य योजना गतिमान है।रिवर चैनेलाइजेशन का कार्य अप्रैल माह में शुरू होकर मई के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा।गंगाजी में मलजल मिलने की शिकायत पर पेयजल निगम ऋषिकेश अनुरक्षण एवं निर्माण इकाई गंगा के परियोजना प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि जिन स्थानों पर ओवर फ्लो की समस्या पाई गई है उन्हें शीघ्र ही जलोत्सारण के लिए नई पाइप लाइनों से जोड़ा जाएगा।इससे पूर्व विगत बैठक के कार्यों की कार्यवाही की पुष्टि की गई।बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी,नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी रवि कांत पाण्डेय,लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता भृगु नाथ द्विवेदी, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी एस एस चौहान, नगर निगम ऋषिकेश के एस आई संतोष गुसाईं, नगर निगम देहरादून की एमआई विशेषज्ञ पल्लवी पाण्डेय,सचिन रावत,गुरमीत सिंह, प्रतिभा सरण,पूजा शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।