ग्राम्य स्तर पर वनाग्नि समितियों के माध्यम से जनजागरुकता अभियान को तेज करने की आवश्यकता : डा.जुगलान

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देहरादून।वनाग्नि काल 2026 शुरू होने से पूर्व जिला स्तरीय वन अग्नि सुरक्षा समिति की बैठक समिति अध्यक्ष जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में भौतिक और आभासीय रूप से संपन्न हुई। बैठक में समिति के सलाहकार नामित सदस्य अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट एक्शन लीडरशिप अवार्ड 2025 से सम्मानित पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने वनों की आग की समस्या कारकों और उसके निदान पर चर्चा करते हुए अपने सुझावों में कहा कि राज्य में ग्रीष्म काल में वन अग्नि की समस्या विकराल हो जाती है।इसके पहले की हम वनाग्नि निदान की बात करें हमें कारकों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि पहले ग्राम्य स्तर पर स्थानीय स्वयं अग्नि सुरक्षा संबंधी उपाय स्वेच्छा से स्वयं कर लेते थे लेकिन एकाकी परिवारवाद बढ़ने से स्वयं सेवियों की संख्या में कमी आई है।दूसरी ओर आज की घटनाओं का बढ़ने का मुख्य कारण यह भी है कि आधुनिकता और भौतिकतावादी होने के कारण अजैविक कूड़ा दिन ब दिन बढ़ रहा है।जिसके समुचित निस्तारण न होने के कारण लोग घरों का कूड़ा नदी नालों और खेतों के किनारे अजैविक कूड़ा फेंक देते हैं। जिसके निस्तारण अवैज्ञानिक प्रयोग करते हुए इस कूड़े को आग लगा देते हैं जो वनाग्नि का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि सुरक्षा के प्रसार को हर घर तक ले जाए जाने की तीव्र आवश्यकता है।इसके लिए जिलाधिकारी महोदय के द्वारा बिंदुवार निर्देश जारी कर विद्यालयों सहित जिला ब्लॉक स्तर पर से लेकर ग्राम्य स्तर पर वनाग्नि समितियों के माध्यम से जनजागरुकता अभियान को तेज करने की आवश्यकता है। पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ विनोद जुगलान ने यह भी कहा कि बिना सुरक्षा के कूड़ा जलाने वालों को दण्डित करने और वनाग्नि सुरक्षा में प्रशंसनीय कार्य करने वाले वन कर्मियों,स्थानीय स्वयं सेवी संगठनों कार्यकर्ताओं , महिला स्वयं सहायता समूहों को पुरस्कृत किया जाए। ताकि लोग प्रेरणा लेकर वनाग्नि सुरक्षा के प्रति और अधिक जागरूक हों।उन्होंने अग्नि शमन के लिए आधुनिक फायर बॉल के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर अग्नि सुरक्षा के उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए।वनाग्नि सुरक्षा के क्रम में प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि जनपद में कुल पांच वन क्षेत्र अन्तर्गत दो लाख पच्चीस हजार आठ सौ त्रिपन हेक्टयर भूमि वनाच्छादित है।जनपद अन्तर्गत वनाग्नि काल 2026 में सुरक्षा हेतु उपकरणों अतिरिक्त वाहनों और ठोस प्रबंधन के लिए लगभग तिहत्तर लाख रुपए बजट की आवश्यकता होगी।बैठक में समिति के नामित सदस्य पदम् श्री कल्याण सिंह रावत, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान एवं जनपद अन्तर्गत परगना अधिकारीयों ने आभासीय माध्यम से प्रतिभाग किया जबकि एडीएम देहरादून के के मिश्रा, सहायक निदेशक राजा जी टाईगर रिजर्व पार्क,प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी, प्रभागीय वनाधिकारी चकराता कालसी, प्रभागीय वनाधिकारी भूमि संरक्षण वन प्रभाग कालसी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग नोडल देहरादून, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी सहायक कमान्डेंट एसडीआरएफ,एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी देहरादून भौतिक रूप से उपस्थित रहे। प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक में आए सुझावों को कार्य वृत्त में सम्मिलित कर लिया गया है।बिंदुवार रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय के समक्ष प्रस्तुत जाएगी।बैठक का संचालन स्मृता परमार ने किया।

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