जिलाधिकारी ने की गंगा संरक्षण समिति के कार्यों की समीक्षा…..
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चमोली । जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्वच्छता को बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर पालिका, पंचायतों और जिला पंचायत के अधिकारियों को नदियों के संरक्षण के लिए तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान नगर पालिका और पंचायतों के साथ ही संबंधित विभागों को एसटीपी का संचालन सुचारु रुप से करने और रख-रखाव को लेकर नियमित कार्य करने के निर्देश दिए उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसटीपी से उपचारित जल एनजीटी के मानको के अनुरूप हो साथ ही तहसील स्तर पर गठित कमेटी को भी प्रतिमाह नियमित रूप से बैठक कराये जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को डोर-टू-डोर कलेक्शन की व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद में 20 कमरों से अधिक वाले होटलों में ईटीपी का निर्माण न किए जाने पर सख्त कार्रवाई करने हेतु नमामि गंगे और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आदेश दिये।
बैठक में जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने बताया कि नदियों के स्वच्छता को बनाए रखने के लिए जनपद में 17 एसटीपी का निर्माण किया गया है। जिनसे जनपद में 28 नालों को टेप कर पानी का शुद्धीकरण कर निस्तारित किया जा रहा है। साथ ही जनपद की सभी नगर पालिकाओं और पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था के साथ ही डोर-टू-डोर कलेक्शन करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत जनपद के 11 नगर निकायों की ओर से प्लास्टिक कचरे को कॉपेक्ट कर बिक्री से दिसंबर माह में 1 लाख 9 हजार 559 रुपए की आय अर्जित की जा गयी है। वहीं अप्रैल माह से वर्तमान कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 393 चालान किए गए हैं। जबकि एंटी लिटरिंग एंड एंटी स्पिटिंग एक्ट के तहत 667 चालान किए गए हैं।
इस मौके पर डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे, एसडीएम आर के पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक गुप्ता, डीपीआरओ रमेश त्रिपाठी, एएमए तेज सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी अरविन्द गौड सहित सभी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।