सचिव डॉ. नारायण पाण्डे ने की जिलाधिकरी टिहरी के कार्यो की सरहाना

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टिहरी। सचिव, मुख्यमंत्री/आवास/वित्त विभाग उत्तराखण्ड शासन डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे की अध्यक्षता में गुरूवार को जनपद के फ्लैगशिप कार्यक्रमों (राज्य एवं केन्द्रपोषित) की समीक्षा बैठक आहूत की गई। इसके साथ ही सीएम घोषणा, सीएम हेल्पलाइन, वन भूमि के प्रस्ताव एवं जनपद के  अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
जिला कलेक्ट्रेट सभागार नई टिहरी में आयोजित बैठक में सचिव डॉ. नारायण पाण्डे ने कहा कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में कई क्षेत्रों काफी अच्छे कार्य किये जा रहे हैं और आगे भी अन्य क्षेत्रों में अच्छा कार्य किये जाएंगे, ऐसी जनपद से विश्वास एवं अपेक्षा है। कहा कि जो भी राष्ट्रीय, अर्न्तराष्ट्रीय एव राज्य स्तरीय बैच मार्क निर्धारित किये गये हैं, उनमें में कई बैच मार्क में जनपद टिहरी काफी अच्छा है और कुछ में थोड़ा कम है, उसकी बेहत्तरी हेतु अधिकारियों को प्रयास करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार प्रक्रिया को सरलीकरण, समाधान और जनता की सतुष्ठी के लिए कार्य करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना है।
सचिव श्री पाण्डे ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अपनी योजनाओं/प्रोजेक्ट का स्वामित्व एवं संरक्षण लें। विकास कार्यों को लेकर अधिकारी टीम वर्क के साथ जनता हित में कार्य करें और फीडबैक रिपोर्ट भी दें, जिससे जनपद अपनी सार्थकता के साथ ही प्रदेश में नम्बर वन की भूमिका बनाये रख सके। अधिकारी बजट खर्च और लक्ष्य प्राप्त करने तक सीमित ना रहे, योजनाओं की पॉलिसी लेवल पर फोकस रखे, अधूरी छुटी योजनाओं के कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कहा कि योजनाओ के प्रारम्भ से अब तक के डाटा का इम्प्लीमेंट कर एनालिसिस करें। उन्होंने कहा कि समय-समय पर जनपद में आने वाले सचिवों एवं उच्चाधिकारियों द्वारा जो भी निर्देश/सुझाव दिए जाते हैं, उनको अमल में लाने की अति आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ माह में जिन-जिन सचिवों द्वारा जनपद का भ्रमण किया गया उनके द्वारा जो निर्देश दिए गए, उसके सापेक्ष किये गये कार्याें की पीपीटी बनाकर उपलब्ध करायें।
सचिव श्री पाण्डे ने क्रमवार विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि यह योजना काफी अहम है और हर घर को शुद्ध जल मिले यह हमारी प्रथमिकता होनी चाहिए। कहा कि आने वाले समय में पेयजल से सम्बन्धित कई चुनौतियां  आयेंगी, उनसे निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें। मनरेगा के तहत एक्टिव जॉब धारकों के आंकड़े को हर समय अपडेट रखे, अमृत सरोवर योजना को इस तरह से विकसित करें, जो कि   पर्यटन को अपनी ओर आकर्षित कर सके, मेरा गांव मेरी सड़क पर भी मनरेगा के माध्यम से कार्य किया जाता है उसे पर भी आवश्यकता अनुसार कार्य करें। पलायन को रोकने के लिए आजीविका मॉडल पैकेज के तहत कार्य करें, जिससे एक व्यक्ति को अलग-अलग योजना से लाभान्वित किया जा सके ताकि उसकी आय दोगुनी हो सके।
बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अवगत कराया कि मनरेगा व जिला प्लान से जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा हेतु तारबाड़ आदि का कार्य भी किया जाता है। इस स्तर पर अधिक सुधार हेतु शासन स्तर से कार्यवाही की जाने की अपेक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार ने अवगत कराया कि जल संस्थान के मरम्मत संबंधी कार्यों एवं अस्थाई कर्मचारियों का वेतन भी जिला योजना से व्यय किया जाता है, इस हेतु शासन स्तर से बजट उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई।
बैठक में सीवीओ आशुतोष जोशी, सीएओ अभिलाषा भट्ट, सीईओ एस.पी. सेमवाल, जिला सेवायोजन अधिकारी विनायक श्रीवास्तव सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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