ईमानदारी व निष्ठा के साथ जन संवाद बनाते हुए समस्याओं का यथा शीघ्र करें समाधान…..
देहरादून। जिला गंगा सुरक्षा समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि अधिकारी अपने कार्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें और लंबित पड़े कार्यों में गतिशीलता लाने के साथ साथ जन संवाद बनाते हुए समस्याओं का यथा शीघ्र समाधान करें।बैठक में गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के साथ ही ऋषिकेश क्षेत्र के अंतर्गत नमामि गंगे योजना अंतर्गत किए जा रहे विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।जिसमें गंगा बेसिन में निर्मित एसटीपी संचालन, सीवेज शोधन , सेप्टीज प्रबंधन एवं निस्तारण की समीक्षा की गई।साथ ही गंगा एवं सहायक नदियों में बाढ़ नियंत्रण की समीक्षा की गई। बैठक में उपजिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा ने चन्द्र भागा नदी से गंगाजी में दूषित जल पर ठोस कार्य योजना का प्रस्ताव रखा। जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने पेयजल निगम अनुरक्षण एवं निर्माण इकाई को मौका मुआयना कर योजना निर्माण के निर्देश दिए।दूसरी ओर समिति के नामित सदस्य पर्यावरणविद विनोद प्रसाद जुगलान ने सड़कों पर निराश्रित पशुओं के विचरण के परिणाम स्वरूप हो रही सड़क दुर्घटनाओं का मामला सदन में रखते हुए निराश्रित पशुओं के संरक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने और सड़कों पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने की मांग की।मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ देहरादून ने संज्ञान लेते हुए नगर निगम ऋषिकेश को समस्या के निस्तारण के लिए यथाशीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।जुगलान द्वारा खदरी खड़क के लक्कड़ घाट के समीप गंगा तटीय क्षेत्र में वन भूमि पर बायो कंजर्वेटरी पार्क की स्थापना के सुझाव देते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बनकर ऊबर रही है ऐसे में भविष्य को ध्यान में रखते हुए बायो पार्क महत्वपूर्ण आवश्यकता है।जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने उपप्रभागीय वनाधिकारी देहरादून द्वारा भूमि के स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डॉ विनोद जुगलान द्वारा अवगत कराया गया कि 26 एमएलडी एसटीपी के निकट निष्प्रयोज्य पड़े हुए ऑक्सीडाइजेशन पॉन्ड्स में मत्स्य पालन प्रशिक्षण केंद्र के साथ साथ साहसिक खेल प्राकृतिक पर्यटन विकसित किया जा सकता है जिसके क्रम में संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा आख्या प्रस्तुत करने के उपरांत सीडीओ देहरादून द्वारा डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।समिति के नामित सदस्य डॉ दीपक तायल ने त्रिवेणी घाट में खोमचे और रेहड़ी वालों द्वारा अवैध अतिक्रमण को हटाने और घाट को विकसित किए जाने के साथ ही गंगाजी की पवित्रता बनाए रखने पर जोर दिया।बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, उपप्रभागीय वनाधिकारी देहरादून अनिल सिंह रावत, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश चन्द्र कांत भट्ट,समिति के परियोजना अधिकारी रवि कांत पाण्डेय,सहायक वैज्ञानिक अधिकारी उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसएस चौहान, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग सुरेन्द्र श्रीकोटी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।