लकड़घाट में विकसित होगा प्रकृति आधारित पर्यटन
देहरादून। विकासखण्ड डोईवाला अन्तर्गत ग्राम सभा खदरी खड़क माफ में पर्यटन विकास को लेकर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने विकास भवन देहरादून स्थित अपने कार्यालय में संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने पेयजल निगम ऋषिकेश (अनुरक्षण एवं निर्माण इकाई गंगा) एवं जल संस्थान (निर्माण खण्ड हरिद्वार ) से जुड़े अधिकारियों से खड़क माफ लकड़घाट स्थित सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की खाली पड़ी भूमि के बारे में जानकारी ली। साथ ही उक्त भूमि के सौंदर्यीकरण के लिए विभागीय स्थापत्यविद रुचि शर्मा को योजना खाका तैयार कर जिला गंगा संरक्षण समिति की अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित समिति के नामित सदस्य एवं न्यूयार्क में क्लाइमेट एक्शन लीडरशिप अवार्ड (अंतर्राष्ट्रीय जलवायु कार्यवाही नेतृत्वकारी सम्मान)2025 से सम्मानित पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने बताया कि गंगा तटीय क्षेत्र खदरी खड़क माफ में पक्षियों के मौसमानुकूल प्रवास और प्राकृतिक सुवास होने के कारण प्रकृति अनुकूल पर्यटन की प्रबल संभावनाएं हैं। इसके अतिरिक्त यहां खाली पड़ी भूमि का प्रयोग साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य स्तरीय मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने,बोटिंग और बर्ड वाचिंग प्वाइंट विकसित करने का सुझाव वर्ष 2020 में समिति की बैठक में दिया गया था।लेकिन इस बीच कोविड 19 के कारण इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ नहीं हो पाया।ऐसे में लम्बित पड़ी ईको फ्रेंडली विकास योजना का क्रियान्वयन जनहित में किया जाना नितान्त आवश्यक है। इससे युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे साथ ही सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी।जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी देहरादून ने कहा कि समिति सदस्य द्वारा दिए गए सुझाव स्वागत योग्य हैं।इन पर क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।उन्होंने अधिकारियों को लम्बित योजना से जुड़ी फाइल प्रस्तुत करने और कार्ययोजना के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों में गतिशीलता लाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व योजनाओं के प्रारूप को तैयार करने में सस्टेनेबिलिटी डेवलपमेंट को ध्यान में रखा जाए। मुख्य विकास अधिकारी आईएएस अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समिति सदस्य सुझावदाता पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान, जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून अभिषेक मैठाणी, जिला गंगा संरक्षण समिति के जिला परियोजना अधिकारी रवि कांत पाण्डेय,पेयजल निगम ऋषिकेश के सहायक अभियंता डीपी कुकरेती उत्तराखंड जल संस्थान ऋषिकेश के सहायक अभियंता राजेश चौहान,विभागीय स्थापत्यविद (ऑर्किटेक्ट)रुचि शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिला गंगा संरक्षण समिति की मासिक बैठक समिति अध्यक्ष जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में 18 दिसंबर को विकास भवन सभागार में आयोजित होगी। जिसमें नमामि गंगे योजना से जुड़े कार्यों पर विस्तार से चर्चा होगी।