यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एक्सेसिबल नवाचारों और समावेशी डिज़ाइन कार्यप्रणालियों के लिए प्रतिबद्ध…..

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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा डिजिटल एक्सेसिबिलिटी में समावेशी नवाचार के लिए 16वां एनसीपीईडीपी-एमफैसिस यूनिवर्सल डिज़ाइन पुरस्कार 2025 प्राप्त किया गया
 
देहरादून । यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रोल मॉडल कंपनियों और संगठनों की श्रेणी में 16वां एनसीपीईडीपी-एमफैसिस यूनिवर्सल डिज़ाइन पुरस्कार 2025 प्राप्त किया गया. यह पुरस्कार अपने केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) ऐप, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए एक्सेसिबल डिजिटल लाइब्रेरी, डब्ल्यूसीएजी वैश्विक एक्सेसिबिलिटी मानक अनुसार बनाई गई कॉर्पोरेट वेबसाइट और अपनी व्यापक एक्सेसिबिलिटी पहल, यूनियन एक्सेस के माध्यम से डिजिटल एक्सेसिबिलिटी को आगे बढ़ाने में अभूतपूर्व कार्य के लिए दिया गया।
यह पुरस्कार भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माननीय सचिव, श्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रदान किया गया. नई दिल्ली में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में बैंक की ओर से यह पुरस्कार श्री संजय नारायण, मुख्य महाप्रबंधक एवं अंचल प्रमुख, दिल्ली और श्री जितेंद्र मणिराम, महाप्रबंधक, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, केंद्रीय कार्यालय, मुंबई द्वारा प्राप्त किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करता है जिन्होंने दिव्यांगजनों के लिए सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किए गए समावेशी वातावरण प्रदान करने में असाधारण योगदान दिया है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एक्सेसिबल नवाचारों और समावेशी डिज़ाइन कार्यप्रणालियों के लिए प्रतिबद्ध है जो सभी उपयोगकर्ताओं को सशक्त बनाती हैं. यह पुरस्कार बैंकिंग को अधिक समावेशी बनाने के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है और सार्वभौमिक डिज़ाइन और एक्सेसिबल बैंकिंग नवाचारों में इसके नेतृत्व की पुष्टि करता है.
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