पर्यावरण दिवस पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों को किया जागरूक…..
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देहरादून । संयुक्त नागरिक संगठन, के तत्वाधान में, विश्व पर्यावरण दिवस पर, पर आज “पर्यावरण बनाम प्रदूषण: दून वासियों की चिंता और सुझाव” विषय पर 8 नेमी रोड़, डालनवाला में, संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आज इस अत्यन्त गंभीर विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में वक्ताओं ने न सिर्फ अपनी चिंताएं साझा की, बल्कि व्यावहारिक सुझाव भी रखें। जिससे कि दून स्वच्छ, स्वस्थ और रहने योग्य शहर बना रह सके। दून का अपना पुराना स्वरूप लौट सके।
कभी दून की पहचान उसकी शुद्ध हवा/वातावरण, हरे-भरे पहाड़ और बहती नहरों/नदियों से थी।
आज अनियोजित/असंतुलित विकास के नाम पर, पहाड़ खत्म, जंगल खत्म, नहरे अंडर ग्राउंड, नदियों पर अतिक्रमण होने से उन का स्वरूप खत्म होकर नालों में बदल गया हैं। जिन नदियों को हम माँ मानते हैं वे नदियां कचरे, प्लास्टिक, अतिक्रमण से घायल होकर कराह रही हैं।
दून में बढ़ता ट्रैफिक, जाम, अनियोजित निर्माण, लगातार चलती खुदाई से वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया हैं।100 से नीचे रहने वाला एक्यूआई लेवल 300 पार तक जा रहा हैं।बढ़ते जल/वायु प्रदूषण ने हमारी विरासत को खतरे में डाल दिया है।
वक्ताओं ने सुझाव दिए कि विश्व जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन, पर्यावरणीय चिंताओं और जरूरतों के बीच संतुलन आदि को उच्च स्तर पर और गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
श्री बी एम थापा (कर्नल सेवानिवृत्त) ने जल और वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील की। उन्होने कहा कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व का प्रश्न हैं।
श्री अवधेश शर्मा ने जंगलो/पहाड़ वासियों को पर्यावरण का असली प्रहरी बताते हुए उन्हें विश्वास में लेकर योजना बनाने पर जोर दिया।
श्री एम एस रावत ने अपने प्रियजनों की स्मृति में पेड़ लगानी की बात कही।
श्री दिनेश भंडारी ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर रिचार्जिंग पर ध्यान देने की बात कही।
डॉ राकेश डंगवाल ने पर्यावरण पर लिखी अपनी कविता के माध्यम से जागरूक किया।
श्री दिनेश सक्सेना ने मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट और एलिवेटेड रोड़ को अच्छा विकल्प बताया। श्री मुकेश शर्मा ने छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों का उपयोग कम करने का सुझाव दिया।
श्री रणजीत सिंह कैन्तुरा ने बढ़ते प्रदूषण के लिए सरकारी सिस्टम की नाकामी पर रोष जताते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार करने की जरूरत बताई।
श्री उमेश्वर रावत ने कहा कि पर्यावरण सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है।
श्री नरेश कुलाश्री ने कहा कि बाहर के शहरों को छोड़ देहरादून की ही अनेकों कालोनियों से स्वच्छता की प्रेरणा लेने की जरूरत हैं।
श्री राजीव खनसाली ने कहा कि अनियोजित खुदाई और ट्रैफिक जाम पर्यावरण का सबसे बड़ा दुश्मन हैं। जिम्मेदारो की जवाबदेही तय होनी चाहिय।
श्री एस एस गुसाईं ने सरकारी प्रयासों को नाकाफी बताते हुए सिविल सेंस डेवलप करने की जरूरत बताई।
श्री मोहन खत्री जी ने धार्मिक स्थलों पर बढ़ते कचरे और अंधाधुन वृक्ष कटने पर चिंता जताई। उन्होंने देहरादून से बद्रीनाथ तक अभियान चलाने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष श्री के जी बहल (सेवा निवृत्त ब्रिगेडियर) ने की। उन्होंने कहा कि मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग और प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा हैं। हमे निराश न होकर अपने सकारात्मक/व्यावहारिक सुझाव सरकार तक पहुंचाते रहना हैं।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के सचिव श्री सुशील त्यागी जी ने किया। उन्होंने कहा कि हम सजग प्रहरी हैं और हमे एक जागरूक नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए जिम्मेदार लोगों को जगाते रहना हैं। यह हमारे अस्तित्व का प्रश्न हैं। यदि अभी नहीं जगे तो हमारी आने वाली पीढ़ियां हमें कोसेंगी कि हमने पर्यावरण बचाने को क्या योगदान दिया। कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह रावत आदि भी उपस्थित रहे।