डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने जनपद की ऋषिकेश तहसील अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र के मुद्दों को प्रमुखता से रखा

जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में गठित जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक देर शाम कलेक्ट्रेट परिसर के ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी आशीष चौहान की अध्यक्षता मेंआयोजित कि गई। बैठक में बीते माह के कार्यों की बिंदुगत समीक्षा की गई।साथ ही आगामी महा कुंभ की तैयारियों पर चर्चा की गई।बैठक में अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट एक्शन लीडरशिप अवार्ड 2025 विजेता एवं समिति के नामित सदस्य पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने जनपद की ऋषिकेश तहसील अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र के मुद्दों को प्रमुखता से रखा। डॉ जुगलान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का कूड़ा निस्तारण के लिए हरिद्वार डंपिंग जोन में भेजा जाता था लेकिन हाल ही में हरिद्वार प्रशासन द्वारा हरिद्वार कुंभ की तैयारियों के दृष्टिगत कूड़ा लेने पर रोक लगा दी गई है,परिणाम स्वरूप गांवों से कूड़ा निस्तारण नहीं होने के कारण लोग कूड़ा या तो इधर उधर फेंक रहे है या कूड़ा जला कर निस्तारण कर रहे हैं ।इससे पर्यावरण संरक्षण के कार्यों सहित जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए बैठक अध्यक्ष डीएम देहरादून मुख्य विकास अधिकारी को समस्या के निदान के निर्देश दिए।वहीं दूसरी ओर समिति सदस्य ने कहा कि ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत बाढ़ परिक्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों के प्रयोग के लिए भवन निर्माण किए जा रहे हैं जो को एनजीटी राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के नियमों का खुला उल्लंघन है।जुगलान ने चिन्ता व्यक्त करते हुए सदन को बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में के एफ डब्ल्यू वित्त पोषित सिवरेज योजना का अंतर्गत खुदाई का कार्य जारी है।कार्यदाई संस्था के ठेकदार सड़क खुदाई करके छोड़ देते हैं जो कि बड़ा संवेदनशील मामला है और में यदि रात के समय अत्यधिक वर्षा हुई तो मानव हानि हो सकती है।इस लिए संबंधित अधिकारियों को उतनी ही खुदाई करनी होगी जितनी कि शाम तक वापस भरी जा सके।उन्होंने अधिकारियों को आपसी सामंजस्य स्थापित करने और योजनाओं को सही समय पर पूर्ण करने के आदेश दिए।इससे पूर्व समिति के नामित सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान ने जिलाधिकारी को भारतीय पक्षियों की एक पॉकेट बुक भेंटकर शुभकामनाएं दी।