राज्यपाल ने की कुमाऊं मंडल के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा 

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नैनीताल/देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को लोक भवन नैनीताल में कुमाऊं मंडल एवं नैनीताल जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर क्षेत्र की प्रशासनिक, विकासात्मक एवं पर्यटन संबंधी स्थिति की समीक्षा की। राज्यपाल ने सर्वप्रथम कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत से मंडल से जुड़े प्रमुख विषयों, उपलब्धियों एवं विकासात्मक योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कुमाऊं मंडल के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
दीपक रावत ने बताया कि कैंची धाम के लिए बनाया जा रहा बाईपास लगभग तैयार हो चुका है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी और यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी। उन्होंने बताया कि कुमाऊँ मंडल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत किच्छा में निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर आगामी दो से तीन माह में तैयार हो जाएगा। इसके शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में राजस्व, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, भूमि विवादों के निस्तारण और होमस्टे संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भूमि म्यूटेशन (नामांतरण) प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भूमिधर की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारियों के नाम खतौनी में दर्ज करने के लिए अब लोगों को पटवारी चौकी के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि पटवारी गांवों में जाकर चौपाल आयोजित कर मौके पर खतौनी का वाचन और आवश्यक संशोधन कर रहे हैं। इस अभियान के तहत करीब 25 हजार लाभार्थियों के नाम दर्ज किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण में भी विशेष अभियान चलाकर लगभग 12 हजार मामलों का निस्तारण कर शून्य लंबित स्थिति हासिल की गई है। उन्होंने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र न बनने से बीमा दावे, बैंक संबंधी कार्यों और संपत्ति उत्तराधिकार में कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं, इसलिए इस व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि सीमांकन, मेड़ विवाद, पैमाइश, गूल पर अतिक्रमण तथा पारिवारिक भूमि बंटवारे (कुर्रे) जैसे राजस्व विवादों के समाधान के लिए जनपद में राजस्व प्रवर्तन समिति का गठन किया गया है। इस नवाचार के तहत अब तक करीब 3,400 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि जिले में कई स्थानों पर होमस्टे को व्यावसायिक होटल की तरह संचालित किया जा रहा है, जो मानकों के विपरीत है। ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब 300 होमस्टे संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा निरस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। राज्यपाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी से जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान जिले की प्रमुख उपलब्धियों, चुनौतियों तथा कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। साथ ही पर्यटन सीजन के दौरान यातायात प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु किए गए इंतजामों और पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने कहा कि नैनीताल आने वाले पर्यटकों को कोई असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

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