खदरी के किसानों पर भारी पड़ रही है राजाजी नेशनल पार्क वन्य जीव विभाग की लापरवाही……

ऋषिकेश। राजाजी नेशनल पार्क वन्य जीव विभाग की लापरवाही खदरी के किसानों पर भारी पड़ रही है।राजाजी नेशनल पार्क गोहरी रेंज का चोटिल एक दांत हाथी के उपचार और निगरानी के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हाथी लंगड़ाते हुए ग्राम सभा खदरी खड़क माफ की सीमा में न केवल दाखिल हों रहा है बल्कि किसानों से नजर बचाकर गेहूं के खेत चट करने में भी सफल हो रहा है। बीती रात राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान के समीप यह हाथी लंगड़ाते हुए बेहद चुपके से आधी रात को दयाल सिंह के ढाई बीघा खेत में दाखिल होकर गेहूं की फसल को खाने लगा।पास में रह रहे स्थानीय निवासी कुन्दन सिंह को जब जंगली हाथी की आहट का आभास हुआ तो उन्होंने शोर मचाकर हाथी को भगाना चाहा लेकिन भूखा होने के कारण हाथी टस से मस नहीं हुआ।बाद में स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर हाथी को भगाया। शोर सुनकर हाथी जंगल की ओर चला गया।। उधर दूसरी ओर राजाजी नेशनल पार्क एवं वन्य जीव मुख्य प्रतिपालक का कहना है कि घायल हाथी की निगरानी की जा रही है ताकि उसे आबादी क्षेत्र में आने से रोका जा सके।यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं।स्थानीय किसानों का कहना है कि उनकी छ माह के परिश्रम की कमाई हुई गेहूं की फसल सुरक्षा को वे रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं लेकिन जरासी आंख लगते ही नजदीकी जंगल में छिपा हाथी खेतों में घुस रहा है।ऐसे में उनकी आर्थिकी प्रभावित होने का खतरा सिर पर मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ वन्यजीव विशेषज्ञ पर्यावरण विद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान का कहना है कि इस जंगली हाथी ने आसपास के क्षेत्र को ही अपना प्राकृतिक सुवास बना लिया है।यह कई वर्षों से इसी क्षेत्र में घूम रहा है बीते वर्ष इसके पैर से लंगड़ाने की पुष्टि इसके पगमार्क और घिसटने के निशानों से हुई थी।तब यह जंगली हाथी आईडीपीएल महा प्रबंधक निवास के समीप जंगल में घायल अवस्था में पाया गया था लेकिन वन्य जीव विभाग की अनदेखी और लापरवाही से संभवत इन्फेक्शन बढ़ जाने से जंगली हाथी दौड़ने में असमर्थ है।इसलिए यह घायलावस्था में ज्यादा घने जंगलों में न जाकर आबादी क्षेत्र के आसपास जंगल में छिपा रहता है जो रात होते ही खेतों में प्रवेश कर रहा है। वाइल्ड लाइफ सोसाइटी सहित राजा जी नेशनल पार्क के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो हम एक विशालकाय जीव को असमय खो देंगे। उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर हम विदेशों से वन्य जीव लाकर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण का संदेश दे रहे हैं दूसरी ओर वन्य जीवों के प्रति हमारी संवेदनशीलता की कमी उजागर हो रही है।यदि सही समय पर इस घायल हाथी को उपचार नहीं दिया गया तो वह शीघ्र ही पीएमओ को पत्र लिखकर सूचित करेंगे।

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