डा. जुगलान को उत्तराखंड विरासत महोत्सव में प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु विशिष्ट सेवा सम्मान से नावाजा…..

देहरादून। बीते वर्ष न्यूयार्क में अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण सम्मान प्राप्त शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रान्त पर्यावरण संयोजक पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने एक बार फिर देव भूमि का नाम रोशन किया है।उन्हें वीर नर्मद विश्वविद्यालय गुजरात में उत्तराखण्ड समाज सूरत द्वारा आयोजित उत्तराखंड विरासत महोत्सव में प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए विशिष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।वे कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए ।उन्होंने उत्तराखंड विरासत महोत्व को सम्बोधित करते हुए कहा कि देव भूमि को उत्तराखण्ड के लोग देश ही नहीं विदेशों में भी भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक विरासतीय के कार्यक्रमों के आयोजन से हमें देश विदेश में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण, कला आभूषण , खान पान,लोक परम्परा और साहसिक उद्यमिता को आगे बढ़ाने का सुंदर प्रयास है।हमारी युवा पीढ़ी को यह बात याद रखनी होगी कि हम बेशक देश दुनियां की कोई भी भाषा सीखें लेकिन अपनी मां बोली,अपनी प्रकृति और संस्कृति को कभी न भूलें। डॉ जुगलान ने कहा प्रकृति और संस्कृति से जुड़े रहना अपने मूल से जुड़े रहना है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए गुजरात के युवा नेता उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सूरत के प्रांगण में उत्तराखंड की पहाड़ी विरासत के इस महोत्सव में उपस्थित होकर न केवल विभिन्न क्षेत्र के प्रबुद्ध वर्ग से मिलने का सौभाग्य मिला बल्कि उन लोगों के मध्य आकर आनंद की अनुभूति हुई जिनका जन्म तो देवभूमि उत्तराखंड में हुआ लेकिन वर्तमान में उनकी कर्मभूमि सूरत गुजरात में है।उनका आतिथ्य प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा देता है।इस उत्तराखंड समाज के इस महोत्सव ने अपनी परम्परा,पोशाक और संस्कृति को जीवित रखा हुआ है । चार धामों वाले उत्तराखंड के दर्शन सूरत के प्रांगण में हुए विशिष्ट लोगों के मध्य हुए यह मेरा सौभाग्य है।इस अवसर पर उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल मूल निवासी विश्व स्तर पर हरित शिक्षा विचारक संयुक्त राष्ट्र सामाजिक एवं आर्थिक परिषद से जुड़े वैश्विक ग्रीन स्कूल के संस्थापक शिक्षाविद् डॉ वीरेंद्र रावत, एवं लम्बगांव के युवा उद्यमी दिनेश कलूड़ा को प्रति पलायन में योगदान के लिए विशिष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।इनके अतिरिक्त उत्तराखंड मूल के पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ तेजपाल सिंह बिष्ट, उपमहानिरीक्षक एटीएस सुनील जोशी, युवा आईपीएस अधिकारी विशाखा डबराल,वीर नर्मद विश्वविद्यालय के कुलगुरु कुलपति डॉ किशोर सिंह, संस्कृति खानपान संरक्षण के लिए उपली रमोली के सुरेन्द्र सिंह रावत,डॉ गोपाल गोस्वामी, माधवा नन्द भट्ट, भुवन गिरी गोस्वामी, कविता भंडारी,दर्शन सिंह रावत को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देहरादून की लोक गायिका पूनम कंडवाल सती एवं नन्हे नवोदित गायक शिवांशु मेहता ने अपनी सुरीली आवाज से उपस्थिति को झूमने पर मजबूर किया।हजारों की संख्या में उमड़े दर्शकों ने उत्तराखण्ड विरासत महोत्सव का आनंद लिया।

Copyright, Shikher Sandesh 2023 (Designed & Develope by Manish Naithani 9084358715) © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.