6 September 2026

नाबार्ड उत्तराखण्ड ने मनाया 44वां स्थापना दिवस

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उत्तराखंड के विकास में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ धन सिंह रावत, मंत्री, उत्तराखंड सरकार

स्वयं सहायता समूह एवं कृषक उत्पादक संगठनों ने लगाए स्टाल्स

 

देहरादून । राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने सोमवार को राष्ट्र सेवा के 44वें वर्ष में प्रवेश किया है. इस विशेष अवसर पर माननीय सहकारिता, स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड स्थित नाबार्ड, उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय में नाबार्ड का 44वां स्थापना दिवस समारोह हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर श्री रावत नें स्वयं सहायता समूह एवं कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया एवं उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत पौधे एवं पुष्पगुच्छ देकर की गई। इसके पश्चात राष्ट्र के निर्माण में नाबार्ड की 44 वर्षों की यात्रा तथा वर्तमान में नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को एक लघु फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
नाबार्ड स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में पैनल चर्चा का आयोजन किया गया , जिसमें विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों द्वारा “समावेशी विकास हेतु ग्रामीण उद्यम का प्रोत्साहन” विषय पर विचार रखे गए।
श्री शशि कुमार, महाप्रबंधक, नाबार्ड द्वारा अपने स्वागत भाषण में नाबार्ड की महत्वपूर्ण उपलब्धियां और चार दशकों के दौरान देश के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए समर्पित नाबार्ड के योगदान और उत्तराखण्ड राज्य में नाबार्ड द्वारा क्रियान्वित विभिन्न पहलों तथा परियोजनाओं से सभी को अवगत कराया.
श्री पंकज यादव मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, ने अपने अभिभाषण में ग्रामीण वित्तीय संस्थाओं को ऋण योजना, पर्यवेक्षण, एवं विकासात्मक कार्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में नाबार्ड की गौरवशाली और प्रभावपूर्ण यात्रा से सदन को अवगत कराया एवं बताया कि नाबार्ड किसानों, सहकारी संस्थाओं एवं ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण हेतु प्रतिबद्ध है जिससे उत्तराखण्ड के हर कोने का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता, स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के विकास में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए, ग्रामीण भारत के संवर्धन में समर्पित नाबार्ड के क्रियाकलापों के विषय में बताया तथा कृषि और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान हेतु नाबार्ड का आभार व्यक्त किया। मंत्री महोदय ने अपने संबोधन में यह चिंता जाहिर की उत्तराखण्ड एवं संपूर्ण देश में कृषकों की संख्या में निरंतर कमी आ रही है जो एक चिंता का विषय है एवं इसके समाधान हेतु नाबार्ड एवं सरकार को मिलकर काम करना होगा। मंत्री जी ने बताया कि सहकारिता के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। बहुउद्देशीय सहकारी समितियों में सचिव की नियुक्ति के लिए Model by-laws Act का प्रावधान किया गया है। मंत्री जी ने आशा जताई कि नाबार्ड के सहयोग से उत्तराखंड राज्य और तेजी से विकास करेगा और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा।
डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, कृषि एवं कृषक कल्याण सचिव द्वारा नाबार्ड को 44वें स्थापना दिवस पर बधाई दी एवं नाबार्ड के द्वारा किए जा रहे विकासात्मक कार्यों की सराहना की। इसके अतिरिक्त श्री पाण्डेय ने जलवायू अनुकूल कृषि के साथ साथ एफपीओ को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ क्रियान्वनय हेतु चार बहुउद्देशीय-प्राथमिक कृषि ऋण समितियों जिसमें मोटाहल्दू एम-पैक्स नैनीताल, सेमंडीधार एम-पैक्स, टिहरी गढ़वाल, सहसपुर एम-पैक्स, देहरादून एवं नाई एम-पैक्स, नैनीताल को एवं तीन जिला सहकारी बैंकों जिसमें जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक, यू.एस.नगर, चमोली एवं कोटद्वार को कार्यक्रम के दौरान पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र सेवा को समर्पित नाबार्ड के 44 वर्षों की गौरवमय यात्रा और उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में नाबार्ड के योगदान पर एक संक्षिप्त प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में नाबार्ड के महाप्रबंधक डॉ. सुमन कुमार ने कार्यक्रम के दौरान उठाए गए विभिन्न कार्यबिन्दुओं पर नाबार्ड की ओर से उचित प्रयास करने का आश्वाशन दिया तथा इसके साथ उन्होंने मुख्य अतिथि, उपस्थित सभी हितधारकों तथा सभी स्टाफ सदस्यों को आयोजन को सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस समारोह में डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, कृषि एवं कृषक कल्याण सचिव, श्री विनोद कुमार, उप महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, श्री राजीव पंत, एसएलबीसी संयोजक, विभिन्न विभागों के विभाग प्रमुख, श्री हरिहर पटनायक, अध्यक्ष, उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक, श्री प्रदीप महरोत्रा, प्रबंध निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक, विभिन्न वाणिज्यिक बैंक एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि, एनजीओ एवं नाबार्ड के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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